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बुधवार, 2 अप्रैल 2025

डॉ जोसेफ मर्फी द्वारा रचित "अवचेतन मन की शक्ति" का भारतीय तंत्र -मंत्र के साथ तारतम्यता का विस्तार पूर्वक वर्णन करें।

डॉ. जोसेफ मर्फी की पुस्तक "अवचेतन मन की शक्ति" (The Power of Your Subconscious Mind) आत्म-सुधार और मनोवैज्ञानिक आध्यात्मिकता पर आधारित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो यह समझाने का प्रयास करता है कि कैसे हमारा अवचेतन मन हमारे विचारों और विश्वासों के आधार पर वास्तविकता को आकार देता है। यदि हम इस पुस्तक की शिक्षाओं को भारतीय तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिकता के संदर्भ में देखें, तो कई समानताएँ और गहरे संबंध स्पष्ट होते हैं।

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1. अवचेतन मन और भारतीय तंत्र-मंत्र का संबंध

भारतीय तंत्र-मंत्र और योग शास्त्र में यह मान्यता है कि मनुष्य की चेतना तीन भागों में विभाजित होती है—

  • चेतन मन (Conscious Mind) – जो जाग्रत अवस्था में विचार करता है।
  • अवचेतन मन (Subconscious Mind) – जो गहरे विश्वास, आदतों और संस्कारों का भंडार है।
  • अतिचेतन मन (Superconscious Mind) – जो दिव्य ऊर्जा और ब्रह्माण्डीय शक्ति से जुड़ा होता है।

डॉ. मर्फी की अवधारणाओं को यदि भारतीय तंत्र के साथ जोड़ें, तो हमें यह ज्ञात होता है कि तंत्र-मार्ग में ध्यान, मंत्र-जप और साधना के माध्यम से अवचेतन मन को पुनःप्रोग्राम किया जाता है, जिससे व्यक्ति अपने जीवन में इच्छित बदलाव ला सकता है।


2. मंत्र-जप और अवचेतन मन

डॉ. मर्फी कहते हैं कि सकारात्मक पुष्टि (Affirmations) और कल्पना (Visualization) से अवचेतन मन को प्रभावित किया जा सकता है। भारतीय तंत्र में इसका समान रूप मंत्र-जप और ध्यान-साधना में मिलता है। उदाहरण के लिए—

  • गायत्री मंत्र – "ॐ भूर्भुवः स्वः..." का जप करने से मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है।
  • महामृत्युंजय मंत्र – "ॐ त्र्यम्बकं यजामहे..." का जप नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
  • श्रीं मंत्र (महालक्ष्मी मंत्र) – धन और समृद्धि आकर्षित करता है।

डॉ. मर्फी का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति निरंतर किसी विचार को दोहराए (Affirmations), तो वह विचार अवचेतन मन में स्थापित हो जाता है और वास्तविकता बन जाता है। इसी प्रकार, भारतीय तंत्र कहता है कि जब कोई व्यक्ति किसी मंत्र का लगातार जप करता है, तो वह मंत्र उसके चित्त में गहराई से समा जाता है और ऊर्जा के रूप में प्रकट होता है।


3. ध्यान-साधना और अवचेतन मन का प्रोग्रामिंग

भारतीय तंत्र में ध्यान (Meditation) का बहुत बड़ा महत्व है। ध्यान का मुख्य उद्देश्य अवचेतन मन की शक्ति को जागृत करना और उसे नियंत्रित करना है।

डॉ. मर्फी ने भी अपनी पुस्तक में ध्यान और विज़ुअलाइज़ेशन (Visualization) की शक्ति को बहुत महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति हर दिन शांत होकर यह कल्पना करे कि उसकी इच्छाएँ पूरी हो रही हैं, तो वह धीरे-धीरे सच होने लगती हैं।

तंत्र शास्त्रों में कहा गया है कि जब व्यक्ति अपने मन को एक विशेष लक्ष्य पर केंद्रित करता है (ध्यान), तो वह ऊर्जा के प्रवाह को नियंत्रित कर सकता है। योग और तंत्र में त्राटक साधना, कुंडलिनी जागरण, और मंत्र साधना अवचेतन मन को सक्रिय करने के लिए ही की जाती है।


4. संकल्प शक्ति और कर्म सिद्धांत

डॉ. मर्फी कहते हैं कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं होता है। यदि वह सकारात्मक विचारों से अपने अवचेतन मन को प्रोग्राम करे, तो उसका भविष्य वैसा ही बनेगा।

यही बात भारतीय तंत्र-शास्त्र और वेदों में भी कही गई है। भारतीय दर्शन के अनुसार—

  • "यद्भावं तद्भवति" – जैसा सोचोगे, वैसा ही होगा।
  • "संकल्प सिद्धिः" – यदि संकल्प दृढ़ हो, तो असंभव कार्य भी संभव हो सकते हैं।
  • कर्म सिद्धांत – अच्छे कर्म और विचार अच्छे परिणाम लाते हैं।

तंत्र-मंत्र में भी यही कहा गया है कि यदि व्यक्ति किसी मंत्र, यंत्र या ध्यान साधना को पूरी निष्ठा और विश्वास के साथ करे, तो उसका अवचेतन मन शक्तिशाली हो जाता है और इच्छित परिणाम मिलने लगते हैं।


5. कुंडलिनी जागरण और अवचेतन मन

भारतीय योग और तंत्र साधना में कुंडलिनी शक्ति का बड़ा महत्व है। यह शक्ति मूलाधार चक्र (Root Chakra) में सुप्त अवस्था में रहती है और साधना द्वारा इसे जाग्रत किया जाता है।

डॉ. मर्फी की अवधारणाओं के अनुसार—

  • अवचेतन मन में असीमित शक्ति है, जो यदि जागृत हो जाए, तो व्यक्ति कुछ भी हासिल कर सकता है।
  • भारतीय योगियों का कहना है कि जब कुंडलिनी शक्ति जाग्रत होती है, तो व्यक्ति में अलौकिक शक्तियाँ विकसित होने लगती हैं।
  • दोनों ही दृष्टिकोण यह बताते हैं कि मनुष्य के अंदर ही अपार ऊर्जा और शक्ति है, जिसे साधना द्वारा सक्रिय किया जा सकता है

निष्कर्षhttps://amzn.to/4hUkepS

डॉ. जोसेफ मर्फी की अवधारणाएँ भारतीय तंत्र-मंत्र, योग और ध्यान से पूरी तरह मेल खाती हैं। उनका मुख्य संदेश यह है कि आपका अवचेतन मन बहुत शक्तिशाली है, और यदि आप इसे सही तरीके से प्रोग्राम करें, तो चमत्कार कर सकते हैं। यही बात भारतीय तंत्र-मार्ग में भी कही गई है—

  • मंत्र-जप अवचेतन को प्रभावित करता है।
  • ध्यान-साधना मन को केंद्रित करती है।
  • संकल्प शक्ति भाग्य बदल सकती है।
  • कुंडलिनी जागरण चेतना को उच्च स्तर पर ले जाता है।

इसलिए, यदि हम डॉ. मर्फी की शिक्षा को भारतीय तंत्र-मार्ग के साथ जोड़कर देखें, तो यह स्पष्ट होता है कि हम अपने अवचेतन मन की शक्ति को पहचानकर, सही अभ्यास और विश्वास के साथ जीवन में हर वह चीज़ प्राप्त कर सकते हैं, जिसकी हम आकांक्षा रखते हैं

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