कुछ भी पढ़ने की आदत
बुधवार, 28 जनवरी 2026
मैं अभागा सवर्ण हूँ।
शनिवार, 17 जनवरी 2026
भारत का ईरान से तेल ख़रीदना बंद क्यों किया?
🇮🇳 भारत ने ईरान से तेल लेना क्यों बंद किया?
1️⃣ अमेरिका के कड़े प्रतिबंध (US Sanctions)
- 2018 में अमेरिका ने ईरान पर दोबारा सख्त प्रतिबंध लगाए (JCPOA परमाणु समझौते से बाहर निकलने के बाद)।
- शुरुआत में भारत सहित कुछ देशों को अस्थायी छूट (Waiver) मिली थी।
- मई 2019 में यह छूट समाप्त हो गई।
- इसके बाद ईरान से तेल खरीदने पर अमेरिकी दंड (secondary sanctions) का खतरा हो गया।
👉 भारत की कंपनियाँ और बैंक अमेरिका के प्रतिबंधों का जोखिम नहीं उठा सकते थे।
2️⃣ भुगतान की समस्या (Payment Problem)
- पहले भारत रुपये में भुगतान करता था, जो ईरान के लिए सुविधाजनक था।
- प्रतिबंधों के बाद:
- बैंकिंग चैनल बंद हो गए
- SWIFT सिस्टम से ईरान को बाहर कर दिया गया
- न पैसा भेजा जा सकता था, न बीमा मिल पा रहा था।
3️⃣ तेल टैंकर और बीमा संकट
- ईरानी तेल लाने वाले जहाजों को:
- अंतरराष्ट्रीय बीमा नहीं मिल रहा था
- बंदरगाहों पर रुकने में दिक्कत हो रही थी
- बिना बीमा जहाज चलाना बहुत बड़ा जोखिम होता है।
4️⃣ भारत–अमेरिका रणनीतिक संबंध
- भारत उस समय:
- रक्षा सौदे
- तकनीक
- वैश्विक राजनीति
में अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत कर रहा था।
- भारत नहीं चाहता था कि ईरान के कारण भारत-अमेरिका संबंध खराब हों।
5️⃣ वैकल्पिक आपूर्ति उपलब्ध हो जाना
- ईरान से तेल सस्ता था, लेकिन भारत ने विकल्प ढूंढ लिए:
- इराक
- सऊदी अरब
- यूएई
- बाद में रूस (2022 के बाद)
- इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा बनी रही।
❓ क्या भारत भविष्य में फिर ईरान से तेल ले सकता है?
हाँ, लेकिन शर्तों के साथ:
- अगर:
- अमेरिका-ईरान समझौता होता है
- प्रतिबंध हटते हैं
- तो भारत फिर से ईरान से तेल ले सकता है, क्योंकि:
- ईरानी तेल सस्ता और गुणवत्तापूर्ण है
- चाबहार पोर्ट जैसे रणनीतिक हित जुड़े हैं
🧠 संक्षेप में
👉 भारत ने इच्छा से नहीं, मजबूरी में ईरान से तेल लेना बंद किया।
मुख्य कारण था अमेरिकी प्रतिबंध और भुगतान-बीमा व्यवस्था का टूट जाना ।
चाबहार पोर्ट -एक परिचय
शुक्रवार, 30 मई 2025
क्रोध का शरीर में असर
क्रोध (Anger) के समय हमारे मस्तिष्क और शरीर में कुछ प्रमुख रसायन (Neurochemicals और Hormones) रिलीज़ होते हैं, जो तुरंत शारीरिक और मानसिक प्रतिक्रिया को प्रभावित करते हैं। आइए विस्तार से समझते हैं:
🔬 क्रोध के समय कौन से केमिकल्स रिलीज़ होते हैं?
-
एड्रेनालिन (Adrenaline):
- यह "fight or flight" हार्मोन है, जो खतरे या तनावपूर्ण स्थिति में शरीर को अलर्ट कर देता है।
- यह दिल की धड़कन तेज करता है, सांसों को तेज करता है, और मांसपेशियों को अधिक ऊर्जा देता है।
-
नॉरएड्रेनालिन (Noradrenaline):
- यह भी एड्रेनालिन जैसा ही कार्य करता है और मानसिक सतर्कता बढ़ाता है।
- यह रक्तचाप और हृदय गति बढ़ाता है।
-
कॉर्टिसोल (Cortisol):
- यह "stress hormone" कहलाता है।
- यह लंबे समय तक क्रोध या तनाव की स्थिति में अधिक मात्रा में निकलता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
-
डोपामिन (Dopamine):
- कभी-कभी क्रोध के समय यह न्यूरोट्रांसमीटर रिलीज़ होता है, जो आंशिक रूप से "संतोष" या "सुखद भावना" भी दे सकता है, जिससे कुछ लोग बार-बार गुस्सा करने के आदी हो सकते हैं।
🧠 क्रोध शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है?
-
हृदय पर असर (Heart):
- बार-बार गुस्सा करने से हृदय गति और रक्तचाप लगातार बढ़ा रहता है।
- इससे हृदयाघात (Heart Attack) या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
-
दिमाग पर असर (Brain):
- अधिक क्रोध से सोचने-समझने की क्षमता कम हो जाती है।
- अमिगडाला (Amygdala) नामक भाग अत्यधिक सक्रिय हो जाता है, जिससे impulsive decisions होते हैं।
-
प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System):
- क्रोध और तनाव लंबे समय तक बने रहें तो इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है।
- बीमारियां जल्दी लगती हैं।
-
पाचन तंत्र पर असर (Digestive System):
- कॉर्टिसोल के कारण एसिडिटी, अपच, और इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) हो सकता है।
-
त्वचा और बालों पर प्रभाव:
- लगातार तनाव और क्रोध से स्किन एलर्जी, एक्ने, और बाल झड़ने की समस्याएं हो सकती हैं।
🧘♂️ समाधान क्या है?
- गहरी साँस लेना (Deep Breathing Techniques)
- मेडिटेशन और योग
- व्यायाम और पर्याप्त नींद
- क्रोध की डायरी लिखना या बात करना
- संगीत, प्रकृति, या आध्यात्मिक उपायों का सहारा लेना।
रविवार, 25 मई 2025
क्रोध अपने शरीर का दुश्मन किस तरह से है?
क्रोध केवल मानसिक स्थिति नहीं है, यह आपके शरीर पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है। शारीरिक विज्ञान (Physiology) के संदर्भ में, जब आप क्रोधित होते हैं, तो आपके शरीर में कई शारीरिक प्रतिक्रियाएं शुरू होती हैं, जो लंबे समय तक रहें तो शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
यहाँ विस्तार से समझाया गया है कि क्रोध शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाता है:
1. स्ट्रेस हार्मोन का स्त्राव (Cortisol & Adrenaline):
क्रोध आने पर मस्तिष्क का "हाइपोथैलेमस" (Hypothalamus) शरीर को "fight or flight" स्थिति में डाल देता है। इससे:
- Adrenaline और Cortisol जैसे स्ट्रेस हार्मोन निकलते हैं।
- यह हार्मोन दिल की धड़कन तेज करते हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं और मांसपेशियों को तनाव में डालते हैं।
2. हृदय प्रणाली पर प्रभाव:
- लगातार क्रोध से हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) और हृदय रोग (Heart Disease) का खतरा बढ़ जाता है।
- दिल का दौरा (Heart Attack) और स्ट्रोक का खतरा भी अधिक हो जाता है।
3. पाचन तंत्र पर असर:
- क्रोध से पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
- एसिड रिफ्लक्स, अल्सर, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
4. प्रतिरक्षा प्रणाली (Immunity) को कमजोर करता है:
- लंबे समय तक गुस्से में रहने से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है।
- शरीर को संक्रमण से लड़ने में दिक्कत होती है।
5. मस्तिष्क पर असर:
- क्रोध की स्थिति में Amygdala (भावनाओं को नियंत्रित करने वाला भाग) सक्रिय हो जाता है और Prefrontal Cortex (जो निर्णय लेने में मदद करता है) निष्क्रिय हो जाता है।
- इससे सोचने-समझने की शक्ति कमजोर होती है और तर्कहीन निर्णय लिए जाते हैं।
6. त्वचा और बालों पर प्रभाव:
- तनाव और क्रोध के कारण बाल झड़ना, एक्ने (मुंहासे), त्वचा रोग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
7. नींद पर प्रभाव:
- क्रोध और तनाव से नींद की गुणवत्ता खराब होती है, जिससे थकावट, चिड़चिड़ापन और स्मृति में कमी होती है।
निष्कर्ष:
बार-बार या लंबे समय तक गुस्से में रहना आपके शरीर को अंदर से धीरे-धीरे खा जाता है। यह एक धीमा ज़हर (Slow Poison) है, जो न केवल मन को बल्कि शरीर के हर तंत्र को प्रभावित करता है।
अगर आप चाहें, मैं आपको क्रोध को नियंत्रित करने के लिए वैज्ञानिक तरीकों और ध्यान अभ्यास भी बता सकता हूँ।
शनिवार, 26 अप्रैल 2025
The One Thing written by Gary Keller and Jay papasan
"The One Thing" किताब Gary Keller और Jay Papasan द्वारा लिखी गई है। इसका मुख्य संदेश है:
"अगर आप एक समय में एक सबसे महत्वपूर्ण चीज़ पर फोकस करें, तो आप असाधारण परिणाम पा सकते हैं।"
अब आइए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दें:
1. फोकस का महत्व:
सबसे जरूरी काम को पहचानकर उसी पर सारा ध्यान केंद्रित करें। मल्टीटास्किंग से बचें।
2. द डोमिनो इफेक्ट:
एक छोटा लेकिन सही कदम समय के साथ बड़े बदलाव लाता है, जैसे एक डोमिनो दूसरे को गिराता है।
3. Focusing Question (फोकस करने वाला सवाल):
हमेशा खुद से पूछें:
"ऐसा कौन सा एक काम है जिसे करने से बाकी सब कुछ आसान या गैर-ज़रूरी हो जाएगा?"
4. सफलता की सच्ची कुंजी:
छोटी-छोटी आदतों से बड़ा परिवर्तन होता है, लेकिन एक समय में सिर्फ एक आदत पर काम करें।
5. समय की रक्षा करें:
अपने सबसे महत्वपूर्ण काम के लिए समय निकालें और उसे किसी भी कीमत पर सुरक्षित रखें — जैसे "Time Blocking" तकनीक से।
6. 'No' कहना सीखें:
हर चीज़ के लिए 'हाँ' नहीं कह सकते। सफलता के लिए 'ना' कहना जरूरी है ताकि आप अपनी ऊर्जा और समय सही दिशा में लगा सकें।
7. वर्क-लाइफ बैलेंस का भ्रम:
किताब बताती है कि असल में "बैलेंस" पाना मुश्किल है; असली फोकस "सही प्राथमिकता" पर होना चाहिए।
8. उद्देश्य और प्राथमिकता:
अपने बड़े लक्ष्य (purpose) को जानिए और उसी के हिसाब से अपनी प्राथमिकताएं तय कीजिए।
9. अनुशासन और आदतें:
सफल लोग रोज़ाना खुद को एक जरूरी काम में अनुशासित करते हैं, जिससे वह एक आदत बन जाती है।
10. सफलता का रास्ता:
छोटे-छोटे ठोस कदम, सही दिशा में लगातार बढ़ते हुए, असाधारण सफलता की ओर ले जाती है। एकबार किताब पढ़िए दिमाग की बत्ती जला देगी।
शेयर कीजियेगा तो मुझे अच्छा लगेगा।
मंगलवार, 15 अप्रैल 2025
रॉबर्ट ग्रीन द्वारा रचित पुस्तक The Laws of Human nature
रोबर्ट ग्रीन द्वारा लिखित "The Laws of Human Nature" एक गहराई से लिखी गई किताब है जो मानव व्यवहार को समझने और उसका प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने में मदद करती है। इस पुस्तक में कुल 18 अध्याय (laws) हैं, और प्रत्येक अध्याय मानव स्वभाव के किसी एक महत्वपूर्ण पहलू को उजागर करता है। नीचे इस पुस्तक की मुख्य बातों का सारांश दिया गया है:
"The Laws of Human Nature" की महत्वपूर्ण बातें:
1. आत्म-जागरूकता की शक्ति (The Law of Irrationality)
हम सभी में तर्कहीनता होती है। अपने अंदर की भावनाओं को पहचानकर और नियंत्रित कर हम ज्यादा बेहतर निर्णय ले सकते हैं।
2. लोगों के नकाब के पीछे झांकना (The Law of Narcissism)
हर व्यक्ति खुद को विशेष मानता है। अगर आप दूसरों की ज़रूरतों और भावनाओं को समझें, तो आप उन्हें बेहतर प्रभावित कर सकते हैं।
3. मूल्य और प्रेरणा को समझना (The Law of Role-playing)
लोग समाज में एक भूमिका निभाते हैं, लेकिन असली इरादे अक्सर छुपे होते हैं। इन इरादों को समझना आपको शक्ति देता है।
4. प्रभावित करने की कला (The Law of Compulsive Behavior)
लोग अपने अतीत और अनुभवों के अनुसार व्यवहार करते हैं। उनके पैटर्न को समझकर आप भविष्यवाणी कर सकते हैं कि वे कैसे प्रतिक्रिया देंगे।
5. ईर्ष्या और तुलना से सावधान रहना (The Law of Envy)
लोग अक्सर दूसरों की सफलता से ईर्ष्या करते हैं। इस भावना को पहचानकर आप खुद को बचा सकते हैं और दूसरों को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।
6. भावनाओं की शक्ति (The Law of Grandiosity)
सफलता के साथ अहंकार भी बढ़ता है। अपने कदम ज़मीन पर रखें और वास्तविकता से जुड़े रहें।
7. लालच और लालचियों से निपटना (The Law of Covetousness)
लोग उस चीज़ की चाह रखते हैं जो उनके पास नहीं है। यह समझना कि लोग क्या चाहते हैं, आपको उन्हें प्रभावित करने की शक्ति देता है।
8. रिश्तों और भावनाओं में संतुलन (The Law of Gender Rigidity)
हर व्यक्ति में स्त्री और पुरुष दोनों गुण होते हैं। संतुलन बनाना आपको और अधिक प्रभावशाली बनाता है।
9. सामाजिक परतों को पढ़ना (The Law of Social Intelligence)
लोगों के हाव-भाव, शब्दों और संकेतों को पढ़कर आप सामाजिक रूप से ज्यादा समझदार बन सकते हैं।
10. आत्म-परिवर्तन और विकास (The Law of Repression)
जो भावनाएं हम दबा देते हैं, वे हमें गुप्त रूप से प्रभावित करती हैं। उन्हें पहचानना और व्यक्त करना ज़रूरी है।
मुख्य संदेश:
"इंसानों का व्यवहार समझो, खुद को जानो, और दूसरों को समझकर बुद्धिमानी से चलो।"
रोबर्ट ग्रीन बताते हैं कि यदि आप मानव स्वभाव की गहराइयों को समझते हैं, तो आप किसी भी परिस्थिति में सही निर्णय ले सकते हैं और प्रभावशाली बन सक
मैं अभागा सवर्ण हूँ।
शीर्षक — मैं अभागा सवर्ण हूँ विश्वविद्यालयों के ऊँचे शिखरों पर, कुलपति बनकर मेरा ही कुनबा बैठा है, ज्ञान के हर दरवाजे पर मेरी ही ठाठ है लेकि...
-
"दीवार में एक खिड़की रहती थी" उपन्यास विनोद कुमार शुक्ल द्वारा लिखा गया है। उपन्यास का कथ्य: यह उपन्यास एक आम आदमी के जीवन क...
-
🇮🇳 भारत ने ईरान से तेल लेना क्यों बंद किया? 1️⃣ अमेरिका के कड़े प्रतिबंध (US Sanctions) 2018 में अमेरिका ने ईरान पर दोबारा सख्त प्रति...
-
The Laws of Human Natue रोबर्ट ग्रीन द्वारा लिखित "The Laws of Human Nature" एक गहराई से लिखी गई किताब है जो मानव व्यवहार को समझन...